प्राण जाए पर वचन न जाए! किसानों के लिए ये खास कदम उठाएंगे CM योगीWednesday, March 29, 2017-10:01 AM
  • Navodayatimesनई दिल्ली/रंजीव। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने चुनावी घोषणा के मुताबिक किसानों का कर्ज माफ करने पर अमल की अपनी रणनीति का मंगलवार को पहली बार खुलासा किया। इसका अहम पहलू यह है कि कर्ज माफ करने के लिए सरकार कर्ज लेने पर भी विचार कर रही है। सरकार ने माना है कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर भारी बोझ है। लिहाजा, किसानों का कर्ज माफ करने की दिशा में विकल्पों गौर किया जा रहा है।

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    उल्लेखनीय है कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने भाषणों में लगातार भरोसा दे रहे थे कि सूबे में भाजपा की सरकार बनते ही पहली ही कैबिनेट बैठक में किसानों की कर्ज माफी का फैसला हो जाएगा।  योगी सरकार के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल इन दिनों राज्य केसभी लघु व सीमान्त किसानों के बैंकों से लिए गए फसली कर्ज की माफी और प्रदेश का अगला बजट तैयार करने के लिए लगातार बैठकें कर रहे हैं।

    किसानों की कर्ज माफी केअलग-अलग प्रस्तावों पर विचार किया गया है। तय यह हुआ है कि किसानों की कर्ज माफी की धनराशि का भुगतान राज्य सरकार बैंकों को करेगी। किसानों की कर्ज माफी के जिन विकल्पों पर यूपी सरकार विचार कर रही है उनमें केंद्र सरकार के ट्रांसफर-टू-स्टेट मद से मदद लेना और राज्य सरकार द्वारा कर्ज लिया जाना प्रमुख हैं। हालांकि, हर वित्त वर्ष में राज्य सरकार द्वारा कर्ज लिए जाने की सीमा निर्धारित है।

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    ऐसे में किसानों के कर्ज को माफ करने के लिए राज्य सरकार को अतिरिक्त कर्ज लेने की जरूरत पड़ेगी। ऐसा करने के लिए केंद्र की जरूरी मंजूरी लेनी होगी। प्रदेश सरकार की राह में बड़ा रोड़ा सातवें वेतन आयोग की सिफारिशो के लागू होने के कारण राज्य पर लगभग 25 हजार करोड़ रुपए प्रतिवर्ष के अतिरिक्त खर्च का बोझ है। पिछली अखिलेश यादव सरकार सातवें वेतन आयोग को लागू करने को हरी झंडी दे गई थी। इतना ही नहीं किसानों कर्ज माफी के अलावा भी भाजपा ने चुनाव घोषणा पत्र में कई वादे किए थे जिन्हें पूरा करने का उस पर दबाव है। इन पर भारी खर्च आएगा।

    नकल रोकने के लिए हेल्पलाइन व वाट्स एप नंबर जारी
    यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में नकल को रोकने के लिए बोर्ड ने लखनऊ में एक कंट्रोल रूम बनाया है। यह कंट्रोल रूम सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक खुला रहेगा और लोग यहां पर अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं। इसके लिए बोर्ड ने हेल्पलाइन नंबर और यहां तक व्हाट्स एप नंबर भी जारी किया है। उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अमरनाथ वर्मा को नकलविहीन परीक्षाएं कराने के लिए समुचित कदम उठाने के निर्देश दिए थे।

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    लखनऊ में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसका नंबर 0522-2236760 है। यह नंबर काम के दिनों में सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक काम करेगा। परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए यूपी बोर्ड के अपर सचिव शिवलाल को नोडल अधिकारी बनाया है। बोर्ड ने शिवलाल के वाट्स एप नंबर 9454457241 पर भी सीधे शिकायतें या सुझाव भेजने के लिए लोगों से कहा है। नकल रोकने के लिए बोर्ड ने जिला, मंडल और मुख्यालय स्तर के अधिकारियों का एक वाट्स एप ग्रुप भी बनाया है जिस पर भी इन शिकायतों को डाला जाएगा

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