अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने रुख किया साफWednesday, July 18, 2018-5:35 PM
  • नई दिल्ली/टीम डिजिटल। सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि दिल्ली में अवैध निर्माणों की सीलिंग या उन्हें ध्वस्त किए जाने पर कोई रोक नहीं होगी। न्यायालय ने यह निर्देश तब दिया जब केंद्र की मोदी सरकार ने जस्टिस एमबी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ को सूचित किया कि उसने दिल्ली में अधिकारियों को अवैध निर्माण के खिलाफ सीलिंग अभियान रोकने का कोई निर्देश नहीं दिया है।

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    पीठ ने यह निर्देश भी दिया कि अधिकारियों को जहां कहीं भी अनधिकृत निर्माण दिखाई दे, वे फौरन प्रभाव से वहां निर्माण कार्य रुकवाएं। शीर्ष अदालत ने कहा कि अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ सीलिंग अभियान में जुटे अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए। 

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    मोबाइल ऐप के बारे में प्रचार किया जाए

    इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा कि वह ऐसे बिल्डरों, ठेकेदारों और आर्किटेक्ट को ब्लैक लिस्ट में डालने पर विचार करे, जिन्हें अनधिकृत निर्माणों के लिए जिम्मेदार पाया गया हो। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने पीठ को बताया कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 9 जुलाई को एक मोबाइल ऐप शुरू किया था, जिसके जरिए नागरिक दिल्ली में अवैध निर्माणों एवं अतिक्रमणों के बारे में शिकायत कर सकते हैं। 

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    उन्होंने कहा कि इस मोबाइल ऐप पर अब तक 431 शिकायतें हासिल हुई हैं और 138 शिकायतों पर कार्रवाई की गई है। पीठ ने निर्देश दिया कि इस मोबाइल ऐप के बारे में प्रचार किया जाए, ताकि दिल्ली के लोगों को इसके बारे में पता चल सके। 

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