पढ़ें, असम में कमल खिलाने वाले सर्वानंद सोनोवाल से जुड़ीं कुछ बातेंThursday, May 19, 2016-12:05 PM
  • Navodayatimesनई दिल्ली (टीम डिजिटल)। असम में चुनावी सभाओं के दौरान बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार सर्वानंद सोनोवाल का परिचय कराते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बात बार-बार दोहराते थे- 'देश में आनंद होगा और असम में सर्वानंद।'

    असम में खिला BJP का चेहरा, कांग्रेस को लगा तगड़ा झटका

    नतीजों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह बात सही साबित हुई है। बीजेपी की तरफ से सीएम पद के उम्मीदवार सर्वानंद सोनोवाल अपने विधानसभा क्षेत्र माजुली से जीत गए हैं।

    Navodayatimesवहीं सीएम तरुण गोगोई भी अपने विधानसभा क्षेत्र तीताबर से आगे चल रहे हैं। सर्वानंद के नेतृत्‍व में मिली असम की इस बड़ी कामयाबी के साथ बीजेपी ने पूर्वोत्‍तर के किसी राज्य में पहली बार जीत हासिल की है।

    Navodayatimesवहीं, असम से कांग्रेस के लिए बुरी खबर आई । 126 सीटों में से 120 के रुझान आने के बाद ये साफ हो गया है कि यहां कांग्रेस का सफाया हो गया है। 15 साल बाद बीजेपी यहां सरकार बनाने जा रही है, ये बहुत बड़ी बात है। 

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    राजनीतिक सफर

    सर्वानंद सोनोवाल ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत ऑल असम स्टूडेंट यूनियन से की थी। साल 1992 से लेकर 1999 तक वह इसके प्रेसीडेंट भी रह चुके हैं। सोनोवाल ने साल 2001 में असम गण परिषद को ज्वाइन किया और उसी साल  वो MLA बन गए।

    Navodayatimesडिब्रूगढ़ में पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन सिंह को हराकर सोनोवाल ने पहली  बार साल 2004 में लोक सभा में कदम रखा। AGP-अगप (असम गढ़ परिषद)  में हुई कुछ असमानताओं के चलते उन्होंने साल 2011 में भाजपा का दामन थाम लिया। BJP में साल 2012 में उन्हें असम यूनिट का प्रेसीडेंट बनाया गया।

    Navodayatimesलोकसभा में वापसी करने से पहले सोनोवाल साल 2014 तक असम BJP के चीफ भी रह चुके हैं।  नरेंद्र मोदी की सरकार में उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया था। वह साल  2015 में एक बार फिर असम यूनिट के चीफ के तौर पर चुने गए।

    Navodayatimesसोलोवाल को इस बात का श्रेय दिया जाता है कि उन्होंने उस गैरकानूनी प्रवासी (न्यायाधिकरण द्वारा निर्धारित) अधिनियम को सफलतापूर्वक चुनौती दी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 2005 में असंवैधानिक बताया था।

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    सर्वानंद के जीवन से जुड़ीं कुछ बातें-

    •  सोनोवाल का जन्म 31 अक्टूबर 1962 में हुआ था।
    •  इन्होंने डिब्रूगढ़ और गुवाहाटी यूनिवर्सिटी से LL.B और B.C.J की शिक्षा प्राप्त की।
    • साल 1992 से 1999 तक यह AASU के प्रेसीडेंट रहे थे।
    • साल 2001 में सोनोवाल ने AGP (अगप) को ज्वाइन कर लिया था। 2001 में ही वह मोरन से MLA बने
    • साल 2004 में वह डिब्रूगढ़ से MP बने।
    • साल 2011 में उन्होंने भाजपा का दामन थामा।
    •  साल 2012 से 2014 तक BJP ने उन्हें असम यूनिट का मुखिया बनाया।
    • साल 2014 में वह लखीमपुर के MP बने थे और साथ ही नरेंद्र मोदी सरकार में वो खेल एवं युवा मामलों के मंत्री हैं।

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