गाजियाबाद में अम्बेडकर प्रतिमा पर बवाल, पुलिस-प्रशासन दोनों अलर्टWednesday, January 3, 2018-1:01 PM
  • नई दिल्ली/टीम डिजिटल। गाजियाबाद कचहरी परिसर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा स्थापित करने का विवाद तूल पकड़ लिया है। सोमवार की देर रात करीब दो बजे पुलिस प्रशासन द्वारा प्रतिमा को हटाने से बवाल और बढ़ गया। आरोप है कि इस दौरान मोबाइल से वीडियो बना रहे दो अधिवक्ताओं के फोन छीन लिए गए। एक अधिवक्ता को एक घंटे तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। इससे अधिवक्ताओं में आक्रोश है। मामले में लापरवाही के चलते एसएसपी एचएन सिंह ने कचहरी पुलिस चौकी प्रभारी सर्वेश कुमार और कचहरी परिसर के चौकीदार हरीश कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी गई है।

    संसद में गूंजा भीम कोरेगांव मामला, कांग्रेस नेता ने कहा- ऐसे मामलों में PM बन जाते हैं मौनी बाबा

    उधर, मंगलवार की सुबह इस प्रकरण में पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा। एहतियात के तौर पर कचहरी परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। सुबह 8 बजे वकील कचहरी परिसर में जुटना शुरू हो गए थे। वकीलों ने डॉ. अम्बेडकर की फोटो स्थापित कर कैंडल जलाए। यही नहीं पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, पुलिस ने सार्वजिनक स्थल पर बिना अनुमति के प्रतिमा स्थापित करने पर 17 वकीलों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की है। नाराज वकीलों ने भी कुछ प्रशासनिक अधिकारियों सहित 250 पुलिस कर्मियों पर एफआईआर दर्ज कराने मन बनाया है। वहीं, प्रशासन ने फिर स्पष्ट किया कि बगैर अनुमति के यह प्रतिमा स्थापित की गई थी। मामले में कविनगर थाना पुलिस ने नाजिर सदर कलेक्ट्रेट असगर अहमद की तहरीर पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश त्यागी काकड़ा, बार के कई पदाधिकारी समेत 17 अधिवक्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

    मीटिंग कर बनाई संघर्ष की रणनीति

    एडीएम (प्रशासन), एडीएम (सिटी), एसडीएम (सदर) और एसपी सिटी आदि अधिकारी सुबह करीब 9 बजे मौके पर पहंचे। उन्होंने आक्रोशित वकीलों को समझाने का प्रयास किया। ऐसे में वकीलों के साथ उनकी तीखी झड़प हुई। बाद में सुबह साढ़े 11 बजे बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश त्यागी काकड़ा और सचिव परविंदर नागर कचहरी पहुंचे। दोपहर दो बजे वकीलों ने इस प्रकरण में जरनल बॉडी की मीटिंग बुलाई। मीटिंग में प्रशासन पर डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा को हटवाने का आरोप लगाया गया। बार एसोसिएशन ने प्रतिमा को वापस लौटाने और वकीलों के खिलाफ कराई गई गई एफआईआर को वापस लेने की मांग की। ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष काकड़ा ने कहा कि मांगे पूरी न होने पर प्रशासनिक अधिकारियों सहित ढाई सौ पुलिसकर्मियों के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। पुलिस यदि रिपोर्ट दर्ज नहीं करती तो कोर्ट का सहारा लेंगे।

    Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

Latest News