फिर आरोपों के घेरे में आया FORTIS अस्पताल, इस बार मरीज के परिवार से वसूले इतने पैसे Saturday, December 16, 2017-1:16 PM
  • नई दिल्ली/टीम डिजिटल। हाल में फोर्टिस अस्पताल में एक मामला सामने आया था कि अस्पताल ने एक बच्ची के पिता से 16 लाख रुपए वसूले थे। अब शुक्रवार को एनपीपीए (ष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण) ने कहा है कि गुरुग्राम स्थित फोर्टिस अस्पताल ने डंगू के एक मरीज के इलाज में काम आई दवाओं व अन्य उपभोज्य सामानों पर उपभोज्य सामानों पर 1700 प्रतिशत तक अधिक मार्जिन वसूला। यह मामला सात साल की एक बच्ची की डेंगू से हुई मौत से जुड़ा है। 

    हालांकि बाद में बच्ची की मौत हो गई। अस्पताल ने उनसे सामान के क्रय मूल्य से अदिक पैसे वसूले। उधारण के तौर पर जिस उपभोज्य सामग्री का क्रय मूल्य 5.77 रुपए था, अस्पताल ने उसके लिए 106 रुपए वसूले। इन उपभोज्य सामाग्री में सीरिंज, दस्ताने व तौलिया आदि शामिल है। अस्पताल पर बच्ची के परिवार ने गलत बिल वसूलने का आरोप लगाया है। 

    एनपीपीए ने फोर्टिस हेल्थकेयर से कहा था कि वह इस मामले में बिलों की प्रति उपलब्ध करवाए। एनपीपीए ने एक और उदाहरण में कहा है कि इस अस्पताल ने डोटामिन 200 एमजी की प्रति इकाई 287.50 रुपये में बेची जबकि इसकी क्रय मूल्य केवल 28.35 रुपये है. यानी अस्पताल ने इस दवा पर 914 प्रतिशत मार्जिन वसूला। वहीं दूसरा मामला गुरुग्राम स्थित फोर्टिस मेमोरियल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफएमआरआई) और पार्क अस्पताल के खिलाफ भी दर्ज कराया गया है। दूसरे अस्पताल के खिलाफ परिवार वालों ने गलत इलाज और ज्यादा पैसे वसूलने का आरोप लगाया है। 

    ये है दूसरा मामला 

    राजोरा के पास दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एफएमआरआई ने भीम सिंह (60) को 36.68 लाख रुपये का भुगतान करने को कहा। पार्क हॉस्पिटल ने उनके गॉल ब्लैडर में पथरी होने के चलते हो रहे पेट दर्द की शिकायत के बाद उन्हें वहां भेजा था. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सिंह ने एफएमआरआई में 42 दिनों तक इलाज किया। इलाज से उनकी किडनी और आंत भी असर पड़ा। साथ ही उन्हें 36.68 लाख रुपए का भुगतान करने के लिए कहा गया। 

     पार्क हॉस्पिटल ने उनके गॉल ब्लैडर में पथरी होने के चलते हो रहे पेट दर्द की शिकायत के बाद उन्हें वहां भेजा था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सिंह ने एफएमआरआई में 42 दिनों तक इलाज किया। सिंह के बेटे ने बताया कि उनके पिता को शुरू में यहां सेक्टर 47 के पार्क  हास्पिटल में भर्ती कराया गया। इसके बाद 2016 में उन्हें फोर्टिस अस्पताल भेज दिया गया। सिंह के बेटे ने बताया कि पिता वहां 42 दिनों के लिए भर्ती रहे और अस्पताल ने 36.68 लाख रुपए का बिल दे दिया। जिसे उन्होंने जमीन बेचकर चुकाया। सिंह के बेटे ने आगे कहा कि इतने महंगे इलाज के बाद भी उनके पिता ठीक से चल नहीं पाते है। वहीं, आरोपों को खारिज करते हुए एफएमआरआई ने अपने बयान में कहा कि रोगी को नाजुक हालत में लाया गया था और सीधे आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उनका जानलेवा बीमारी का लंबा इलाज चला   
     

    Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

Latest News