श्रीलंका में उत्तराखंड की जसमायरा ने बिखेरी स्वर्णिम चमकWednesday, July 18, 2018-5:47 PM
  • देहरादून/ब्यूरो। नन्हीं चेस मास्टर जसमायरा गुंबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहला पदक स्वर्ण जीतकर उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। जसमायरा ने एशियन स्कूल ब्लिट्ज चैस चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर यह उपलब्धि हासिल की है।

    श्रीलंका में 7 से 15 जुलाई तक आयोजित हुई चैंपियनशिप में भारत की ओर से 38 खिलाड़ियों ने अंडर-7 से लेकर अंडर-17 आयु वर्ग में प्रतिभाग किया। जसमायरा ने अंडर-9 आयु वर्ग में सात राउंड के मुकाबलों में जसमायरा ने 4.5 अंक के साथ शीर्ष पर रहते हुए स्वर्ण पदक जीता। 

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    दून निवासी जसमायरा कान्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल में कक्षा चार की छात्रा है। 2017 में ऑल इंडिया चैस फेडरेशन की ओर से आयोजित नेशनल चेस चैंपियनशिप में जसमायरा ने नॉर्थ इंडिया रीजन में टॉप किया था। इसी के आधार पर उसका चयन एशियन स्कूल चेस टूर्नामेंट के लिए किया गया। वर्तमान में जसमायरा की 1023वीं इंटरनेशनल रेटिंग हैं। वहीं अपने आयु वर्ग में जसमायरा देश के शीर्ष 30 खिलाड़ियों में शामिल हैं।

    तीन साल में अंतरराष्ट्रीय फलक पर जसमायरा
    जसमायरा को शतरंज का ककहरा सीखते हुए मात्र तीन वर्ष का समय हुआ है। उसके पिता सौरभ गुंबर ने बताया कि जसमायरा को गर्मियों की छुट्टियों में दून क्लब में चल रहे समर कैंप में शौकिया तौर पर शतरंज सीखने भेजा। पिछले तीन साल से जसमायरा स्टेट चैंपियन है। पढ़ाई में भी अव्वल वह ग्रैंडमास्टर बनाना चाहती है। हालांकि, सरकार की ओर से उन्हें अभी तक कोई सहयोग नहीं मिला है।

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