कुलभूषण जाधव केस में ICJ में सुनवाई जारी, पाकिस्तान ने रखा अपना पक्षTuesday, February 19, 2019-3:18 PM
  • नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कुलभूषण जाधव के जासूसी के आरोप में इंटनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में सुनवाई जारी है। पाकिस्तान इस मामले में अपना पक्ष रखा। 2:30 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में इस वक्‍त पाकिस्‍तान की तरफ से सीनियर वकील खावर कुरैशी अपनी दलीलें पेश कीं। इस सुनवाई के दौरान जाधव की पत्नी और मां के द्वारा पाकिस्तान पर लगाए गए आरोप पर भी सुनवाई की गई जिसमें कहा गया था कि मुलाकात के दौरान पाक ने सुरक्षा के नाम पर उनकी सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया।

    बता दें कि जब जाधव की मां और पत्नी उससे मिलने पाकिस्तान जेल गए थे तो उस वक्त उनका मंगलसूत्र, बिंदी, चूड़ियां और चप्पल उतरवा लिए गए थे। इतना ही नहीं, जाधव से मुलाकात के लिए उनके कपड़े भी बदलवाए गए थे।

    पाकिस्तानी आर्मी कोर्ट द्वारा मौत की सजा सुनाने के मामले में इंटनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में भारत ने सोमवार को अपना पक्ष रखा। भारत ने अनुरोध किया कि पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा कुलभूषण जाधव को दिए गए मृत्युदंड को निरस्त किया जाए और उनकी तत्काल रिहाई के आदेश दिये जाएं। भारत ने कहा कि यह मामला कानूनी प्रक्रिया के न्यूनतम मानकों को भी पूरा नहीं करता। सेवानिवृत्त भारतीय नौसैन्य अधिकारी जाधव को कथित रूप से जासूसी और आतंकवाद के आरोपों में पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में बंद कमरे में सुनवाई के बाद मौत की सजा सुनाई थी।

    कुलभूषण जाधव मामले में साल्वे ने पाक सैन्य अदालतों की खोली पोल

    जाधव की सजा पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। भारतीय नागरिक जाधव तक राजनयिक संपर्क की अनुमति देने से बार-बार इंकार करके वियना आईसीजे से अनुरोध संधि के प्रावधानों का पाकिस्तान द्वारा खुला उल्लंघन करने पर भारत मई 2017 में आईसीजे की शरण में गया था। आईसीजे में भारत और जाधव का प्रतिनिधित्व कर रहे पूर्व सॉलीसिटर जनरल हरीश साल्वे ने कहा कि पाकिस्तान की सैन्य अदालतें इस अदालत में भरोसा उत्पन्न नहीं कर सकतीं और उन्हें इस मामले में पुनर्विचार करने का निर्देश देकर दोषमुक्त होने का मौका नहीं दिया जाना चाहिए।

    भारत जाधव की दोषसिद्धि को निरस्त करने तथा यह निर्देश देने का अनुरोध करता है कि उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। आईसीजे मुख्यालय में सोमवार को चार दिवसीय सुनवाई ऐसे समय शुरू हुई है जब जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश ए मोह मद द्वारा किए गए आतंकी हमले में 41 सीआरपीएफ जवानों के शहीद होने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है।

    भारत के एक्शन से घबराकर UN की शरण में पहुंचा पाकिस्तान, कहा- भारत को रोकें

    साल्वे ने कहा कि पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा जाधव पर चलाया गया मुकदमा कानूनी प्रक्रिया के न्यूनतम मानकों को भी पूरा करने में नाकाम रहा और इसे गैरकानूनी घोषित किया जाना चाहिए। पाकिस्तान की सैन्य अदालतें स्वतंत्र नहीं हैं और इन अदालतों के कामकाज की यूरोपीय संसद ने निंदा की है। विदेशी कैदी का जीवन जीने, निष्पक्ष सुनवाई और स्वतंत्र न्यायपालिका का अधिकार होता है। 

    Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

Latest News