ग्लैंडर्स का डर: सात पशुओं को मारकर दफनायाThursday, December 28, 2017-1:44 AM
  • नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राजधानी में ग्लैंडर्स बीमारी का खतरा बना हुआ है। इस बीमारी से संक्रमित पशुओं को पश्चिमी दिल्ली में पाया गया है। 7 संक्रमित पशुओं की पहचान होने पर उनको बुधवार को मारकर मिट्टी के भीतर गहराई में दफना दिया गया है। ताकि संक्रमण आम लोगों में नहीं फैल पाए। इसके साथ ही राजधानी में इस संक्रमण को रोकने के लिए तेजी से काम शुरू कर दिया गया है। 

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    पश्चिमी दिल्ली में ग्लैंडर्स से संक्रमित पशुओं को इंजेक्शन देकर मारा गया। इसके बाद संजय गांधी पशु अस्पताल के पास खुली जमीन में दफनाया गया। संक्रमित पशुओं को 21 दिनों तक विशेषज्ञों की निगरानी में नजरबंद रखा गया था। संक्रमण की पुष्टि होने पर उनको मारा गया। पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. जीतेन्द्र कुमार गौड़ के मुताबिक मारे गए पशुओं को एनेस्थीसिया की उच्च खुराक देकर बेहोश किया गया।

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    उन्होंने कहा की संक्रमित पशु खतरनाक होते हैं, नतीजतन उन्हें मारना जरूरी होता है। पश्चिमी जिले को अगले तीन महीने के लिए कंट्रोल्ड जोन के तौर पर घोषित किया गया है। विशेष सतर्कता बरतते हुए जिले में पशुओं के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। बुधवार तक 800 से अधिक घोड़ों की जांच के लिए नमूने लिए गए हैं।

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    इस बीमारी का इलाज अभी तक सामने नहीं आया है, इस कारण सरकार की ओर से पशुओं की मौत पर मुआवजे का प्रावधान किया गया है। घोड़े के मरने पर 25,000 रुपए और गधे-खच्चर के मरने पर 16000 रुपए की धनराशि  पशुपालकों को दी जाती है। प्रदेश के अनुसार नियम अलग भी हो सकते हैं।

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