नगर निकाय चुनाव में नहीं सहा गया गोलमाल, बिगड़ी मनोज की तबीयतFriday, December 29, 2017-11:56 AM
  • नई दिल्ली/ब्यूरो। वर्ष 2012 में हुए निकाय चुनावों के परिणामों में हुए गोलमाल का खुलासा सामने आया तो निर्दलीय प्रत्याशी रहे मनोज से हकीकत सही नहीं गई। उनको पता चला कि विजयी प्रत्याशियों की लिस्ट में उनका नाम था, जबकि पार्षद कोई और ही बना रहा, तो वह अवसाद में चले गए।

    घोड़ों की बीमारी जांचने के लिए 800 गांव से लिए गए 200 सैम्पल, काम तेजी से जारी

     बीमार होने के कारण उनको अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हालांकि मामला सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने लिस्ट में मनोज की जगह  पांच साल तक पार्षद रहे महेश का नाम ही डाल दिया, लेकिन मनोज का हाल बुरा है। मनोज कुमार पुत्र जयपाल सिंह की तबियत एकाएक बिगड़ गई। 

    परिजनों को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा था। अब भी उनका इलाज चल रहा है। मनोज का आरोप है कि अफसरों ने सपा सरकार के दबाव में जीतने के बावजूद किसी और को शपथ दिला दी और उनको हारा हुआ बता दिया गया। अगर उन्होंने चुनाव आयोग की वेबसाइट पर विजयी प्रत्याशी के रूप में अपना नाम नहीं देखा होता तो यह राज उनके सामने कभी नहीं आता।

    गाड़ियों के कारण बढ़ रहा दिल्ली में प्रदूषण, मिथेनोल ईंधन का इस्तेमाल करने पर विचार

    मनोज के पिता जयपाल सिंह का कहना है कि हकीकत सामने आने के बाद मनोज का मानसिक संतुलन बिगड़ गया। लोगों को आज भी मनोज के हारने पर यकीन नहीं है। जयपाल का कहना है कि मनोज को डाक्टर ने तनाव न लेने की सलाह दी है। वहीं मनोज का कहना है कि न्याय के लिए वे लगातार लड़ाई लडेंगे। उनके और समर्थकों के मान सम्मान को ठेस पहुंची है। अफसरों ने मतदाताओं के साथ छल किया है। जिसके लिए वे जिला प्रशासन और निर्वाचन आयोग पर दावा ठोकेंगे। 

    Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

Latest News