#RelianceJio के कारण कॉल रेट हो सकती हैं 10 से 15 प्रतिशत कमTuesday, September 6, 2016-10:15 AM
  • नई दिल्ली (टीम डिजिटल)। रिलायंस जियो की पूर्ण 4जी सेवाएं शुरू होने के बाद मौजूदा ऑप्रेटरों को अपने ग्राहकों को कायम रखने के लिए दरों में कटौती करनी होगी। फिच रेटिंग्स ने कहा कि इससे उद्योग में दरों में 10 से 15 प्रतिशत की कमी आएगी। 

    फिच ने कहा, ‘‘रिलायंस जियो का प्रवेश साख की दृष्टि से मौजूदा ऑप्रेटरों के लिए नकारात्मक होगा, मुख्य रूप से छोटी दूरसंचार कंपनियों के लिए। इससे उद्योग में एकीकरण तेज होगा।’’

    फिच ने कहा कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा से डाटा दरों पर ऐसे समय दबाव पड़ेगा जबकि डाटा की खपत बढऩे के बीच कंपनियों को पूंजीगत खर्च बढ़ाना होगा क्योंकि सस्ते 4जी हैंडसैट उपलब्ध होंगे। 

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    जियो घाटे में रहेगी 2 वर्ष
    फिच ने कहा कि जियो शुरूआती 2 वर्ष में घाटे में रहेगी। मौजूदा समय में सिर्फ 5 प्रतिशत ग्राहकों के पास 4जी हैंडसैट हैं लेकिन यह तस्वीर जल्द बदलेगी, क्योंकि 70 प्रतिशत नए हैंडसैट अब 4जी के साथ आ रहे हैं।

    फिच का मानना है कि जियो के लिए अगले वर्ष तक 2 से 3 करोड़ से अधिक ग्राहक और बाजार के राजस्व का 3 से 4 प्रतिशत से अधिक हासिल करने की संभावना नहीं है। 

    आपकी मर्जी के बिना नहीं एक्टिवेट होगा सिम
    दूरसंचार विभाग ने सिम का एलिवेशन 2जी से 3जी या 4जी करने के संबंध में नए नियम जारी किए हैं। इन सिम को मोबाइल उपभोक्ता की सहमति और उनके आग्रह के बाद ही एक्टिवेट किया जाएगा। 

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    एलिवेशन (उन्नयन) के लिए नए सिम कार्ड जारी करने संबंधी दिशा-निर्देश 1 सितम्बर से प्रभावी हैं। इसमें कहा गया है कि उपभोक्ता को सिम के एलिवेशन का आग्रह लाइसैंसी को कस्टमर केयर या ऑनलाइन वैबसाइट के जरिए अथवा लाइसैंसी के प्वॉइंट ऑफ सेल के जरिए करना होगा।

    आग्रह मिलने के बाद लाइसैंसी उपभोक्ता को नया सिम कार्ड जारी करेगा। इन नए नियमों से सिम के स्वचालित एलिवेशन पर रोक लगेगी। कुछ ऑप्रेटरों द्वारा ऊंचे मूल्य की सेवाएं देने के लिए सिम का ऑटोमैटिक एलिवेशन किया जा रहा है। 

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    एस.एम.एस.  से लेनी होगी सहमति : ऑप्रेटर को किसी उपभोक्ता के सिम एलिवेशन का आग्रह मिलने के बाद उससे एस.एम.एस. के जरिए सहमति लेनी होगी।

    उपभोक्ता की सहमति मिलने के बाद ऑप्रेटर पुराने सिम को डीएक्टिवेट करने और नए को एक्टिवेट करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।

    दिशा-निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि लाइसैंसी इस प्रक्रिया को तभी आगे बढ़ाएगा जबकि उसे ग्राहक से इस बारे में पुष्ट तरीके से सहमति मिल चुकी होगी। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपभोक्ता को इसकी जानकारी एस.एम.एस. के जरिए दी जाएगी। 

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